केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार, 25 अक्टूबर को दक्षिण कोरिया का चार दिवसीय दौरा शुरू किया। मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान वे कोरियाई उद्योग जगत के सामने भारत में जहाज निर्माण के अवसर रखेंगे।
भारत का लक्ष्य 2047 तक दुनिया के शीर्ष पांच जहाज निर्माता देशों में शामिल होना है। सोनोवाल ने कोरिया को "दुनिया के सबसे उन्नत जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक" बताया।
"जीवंत सेतु" बनें
सोनोवाल ने दौरे की शुरुआत बुसान से की, जिसे उन्होंने कोरिया के समुद्री उद्योग का केंद्र बताया। वहां उन्होंने कोरियाई जहाज निर्माण उद्योग में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों से बातचीत की। इनमें सैमसंग हैवी इंडस्ट्रीज़, हान्वा ओशन, एचडी ह्यूंडई, डीएनवी और भारतीय पोत परिवहन रजिस्टर के लोग शामिल थे। दक्षिण कोरिया में भारत के राजदूत गौरांगलाल दास ने उनका परिचय कराया।
सोनोवाल ने कहा, "आप दोनों देशों में अपने-अपने संपर्क नेटवर्क के बीच जीवंत सेतु की भूमिका निभा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत को और ज़्यादा जहाज निर्माताओं, समुद्री इंजीनियरों, पोत वास्तुकारों, डिज़ाइनरों, वेल्डरों, परियोजना प्रबंधकों और तकनीकी विशेषज्ञों की ज़रूरत होगी। उन्होंने पेशेवरों से कोरिया में मिला अनुभव भारत लाने या कोरिया से ही भारतीय कंपनियों का साथ देने को कहा।
उन्होंने युवा भारतीय पेशेवरों का मार्गदर्शन करने और भारत जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र तथा कोरिया अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी के साथ जहाज निर्माण कौशल साझेदारी से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
उद्योग से तीन सवाल
सोनोवाल ने तीन मुद्दों पर व्यावहारिक सुझाव मांगे:
- शिपयार्ड की उत्पादकता और परियोजनाओं का क्रियान्वयन कैसे सुधरे।
- वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कुशल कार्यबल कैसे तैयार हो।
- भारतीय और कोरियाई उद्योग तकनीक, विनिर्माण और नवाचार में सहयोग कैसे बढ़ाएं।
उन्होंने कहा, "हम जहाज निर्माण, पोत परिवहन, पत्तन और समुद्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में कोरिया के साथ साझेदारी करने के इच्छुक हैं।"
पृष्ठभूमि: 'वॉयेजेस' रूपरेखा
भारत और दक्षिण कोरिया ने अप्रैल में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान 'वॉयेजेस' नाम की रूपरेखा अपनाई थी। इसमें जहाज निर्माण, पोत परिवहन और समुद्री लॉजिस्टिक्स में सहयोग शामिल है। सोनोवाल ने कहा, "मैं चाहता हूँ कि आप वॉयेजेस को केवल एक सरकारी रूपरेखा के रूप में नहीं, बल्कि अपनी पेशेवर उन्नति और भारत के समुद्री क्षेत्र के भविष्य के लिए एक मंच के रूप में देखें।"
भारत की योजनाएं समुद्री भारत विज़न 2030 और समुद्री अमृत काल विज़न 2047 के तहत हैं। मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2025 में इस क्षेत्र के लिए कई नीतिगत प्रोत्साहनों को मंज़ूरी दी थी।
आगे क्या
दौरे में सोनोवाल वैश्विक जहाज निर्माण कंपनियों के प्रमुखों, समुद्री उद्योग संगठनों और शोध संस्थानों से मिलेंगे। वे विश्व समुद्री दिवस पर बुसान में होने वाली मंत्री-स्तरीय गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगे, जिसमें प्रमुख समुद्री देशों के मंत्रियों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के महासचिव के आने की उम्मीद है।
