केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 25 और 26 अक्टूबर को नीदरलैंड की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पूरी की। वाणिज्य मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान वे रॉटरडम बंदरगाह गए, डच सरकार के मंत्रियों, सांसदों और बड़ी कंपनियों के प्रमुखों से मिले और भारतीय समुदाय से बातचीत की। करीब 60 लोगों का एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी उनके साथ गया था।

पहला दिन: रॉटरडम और भारतीय समुदाय

गोयल ने यात्रा की शुरुआत 25 अक्टूबर को रॉटरडम बंदरगाह के सीईओ बाउडविज़न सीमंस के साथ बंदरगाह के दौरे से की। मंत्रालय ने इसे यूरोप का सबसे बड़ा बंदरगाह और भारतीय सामान के लिए यूरोपीय बाज़ार का प्रवेश द्वार बताया। दौरे में रॉटरडम और भारतीय बंदरगाहों के बीच सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।

उसी शाम उन्होंने एम्स्टर्डम में भारतीय दूतावास के कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाक़ात की।

दूसरा दिन: मंत्री, सांसद और बिज़नेस फोरम

26 अक्टूबर को गोयल ने डच विदेश व्यापार मंत्री शुअर्ड शुअर्डस्मा और आर्थिक मामलों की मंत्री हेलेन हरबर्ट से द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें विनिर्माण, शोध एवं विकास, बुनियादी ढांचे, अक्षय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल तकनीक में डच निवेश बढ़ाने के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, महत्वपूर्ण खनिजों और उन्नत विनिर्माण में सहयोग पर चर्चा हुई।

गोयल और शुअर्डस्मा ने मिलकर भारत-नीदरलैंड बिज़नेस फोरम की अध्यक्षता की, जिसमें दोनों देशों के करीब 200 कारोबारी शामिल हुए। इसके बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने डच कंपनियों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों की गोलमेज़ बैठकें कीं, जिनमें हाई-टेक, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, अक्षय ऊर्जा, फार्मा, वस्त्र और इंजीनियरिंग सामान शामिल थे।

किन कंपनियों से मिले

  • एएसएमएल और नेक्सपेरिया (सेमीकंडक्टर)
  • पावर2एक्स (ग्रीन हाइड्रोजन और अक्षय ईंधन परियोजनाएं)
  • इंगका ग्रुप (आईकिया)

इसके अलावा उन्होंने हेग स्थित भारतीय दूतावास और एचएसबीसी नीदरलैंड्स की ओर से आयोजित एक राउंडटेबल में 15 डच कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के सामने भारत में निवेश, सह-निर्माण और सह-नवाचार के मौके रखे। विज्ञप्ति में किसी नए समझौते या निवेश की घोषणा का ज़िक्र नहीं है।

पृष्ठभूमि

मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते और मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान घोषित रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि में हुई। 26 अक्टूबर की पहली विज्ञप्ति में मंत्रालय ने कंपनियों के नाम नहीं बताए थे; यात्रा पूरी होने के बाद जारी इस विज्ञप्ति में एएसएमएल, नेक्सपेरिया, पावर2एक्स और इंगका ग्रुप के नाम सामने आए हैं।