केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दक्षिण कोरिया के बुसान में कोरियाई समुद्री संस्थानों, जहाज निर्माताओं और नौवहन कंपनियों के साथ-साथ साइप्रस की नौवहन उप-मंत्री से कई बैठकें कीं। मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार इनका मक़सद भारत की जहाज निर्माण योजनाओं के लिए आपूर्ति श्रृंखला, पैसा, तकनीक और बाज़ार जुटाना था।

दिन की मुख्य बातें

  • पुनर्चक्रण: साइप्रस ने योग्य भारतीय जहाज-पुनर्चक्रण यार्ड को यूरोपीय संघ की मान्यता दिलाने के भारत के प्रयास का समर्थन किया।
  • हरित नौवहन: कोरियाई निर्माताओं और भारतीय यार्ड ने एलएनजी और एलपीजी कार्गो टैंक, क्रायोजेनिक ढांचे और जहाज के बड़े ब्लॉक बनाने में साझेदारी की संभावनाएं देखीं।
  • वित्त: सोनोवाल ने कोरियाई समुद्री वित्तीय संस्थानों के सामने समुद्री विकास कोष (एमडीएफ) और सागरमाला वित्त निगम (एसएमएफसी) के अवसर रखे।
  • बाज़ार: कोरियाई कंपनियों ने भारत में जहाज पंजीकरण, भारत में बने कंटेनरों और आने वाले वधवन बंदरगाह में निवेश में रुचि दिखाई।

साइप्रस से बात

साइप्रस की नौवहन उप-मंत्री मरीना हाजिमानोलिस ने बताया कि करीब 25 प्रमुख साइप्रस कंपनियों के नवंबर में भारत आने की उम्मीद है, जो नौवहन, जहाज प्रबंधन और समुद्री तकनीक में साझेदारी तलाशेंगी। दोनों मंत्रियों ने नाविकों के कल्याण और समुद्री निवेश पर भी चर्चा की। सोनोवाल ने कहा, "मैं हमारी रणनीतिक साझेदारी को ठोस और पारस्परिक रूप से लाभकारी समुद्री परिणामों में बदलने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के प्रति आशान्वित हूँ।"

कोरियाई कंपनियों से बात

  • सेजिन हैवी इंडस्ट्रीज़: सीईओ किम जिन-जोंग के साथ बड़े जहाज ब्लॉक, एलपीजी-एलएनजी टैंक और क्रायोजेनिक ढांचे (जो गैस को बहुत कम तापमान पर तरल रखते हैं) बनाने पर बात हुई। कोचीन शिपयार्ड ने भी सेजिन के साथ ब्लॉक निर्माण पर चर्चा की, और सेजिन ने इस पर विचार करने में रुचि दिखाई।
  • कोरिया मरीन इक्विपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट (कोमेरी): अध्यक्ष यांग वॉन-चांग के साथ समुद्री उपकरणों के परीक्षण, प्रमाणन और हरित प्रणोदन तकनीक में सहयोग, और प्रस्तावित भारत जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र (आईएसटीसी) से जुड़ाव पर बात हुई।
  • एचएमएम: जहाजों का भारत में पंजीकरण, भारतीय नाविकों की भर्ती, हांगकांग कन्वेंशन के अनुरूप भारतीय पुनर्चक्रण सुविधाओं का इस्तेमाल और नए भारतीय बंदरगाहों तक सेवा बढ़ाने पर चर्चा।
  • कोरिया ओशन बिज़नेस कॉरपोरेशन: सीईओ आन ब्योंग-गिल के साथ बंदरगाह ढांचे और नौवहन में निवेश पर बात।

विज्ञप्ति में किसी समझौते पर हस्ताक्षर का ज़िक्र नहीं है; ज़्यादातर बातचीत संभावनाओं और रुचि के स्तर पर है।

पृष्ठभूमि

सोनोवाल ने 25 अक्टूबर को बुसान से दक्षिण कोरिया का चार दिवसीय दौरा शुरू किया था, जहां उन्होंने कोरियाई शिपयार्ड में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों से मुलाक़ात की थी। मंत्रालय के मुताबिक़ भारत ने करीब 7.8 अरब डॉलर का जहाज निर्माण सहायता पैकेज मंज़ूर किया है और 400 से ज़्यादा जहाज निर्माण के चरण में हैं, जिनका अनुमानित मूल्य 23 अरब डॉलर है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को जहाज निर्माण, नौवहन और समुद्री सेवाओं का वैश्विक केंद्र बनाना है।