भारतीय नौसेना ने सोमालिया के तट के पास सशस्त्र समुद्री लुटेरों के कब्ज़े से मछली पकड़ने वाले जहाज़ अजिनी को मुक्त करा लिया है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार (3 नवंबर) को बताया कि 48 घंटे से ज़्यादा चले इस अभियान में चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया और कोई हताहत या घायल नहीं हुआ।
मंत्रालय के अनुसार, अजिनी को पिछले महीने सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास लुटेरों के एक सशस्त्र गिरोह ने अगवा किया था। आशंका थी कि लुटेरे इस जहाज़ को 'मदर शिप' बनाकर इलाके में व्यापारिक जहाज़ों पर और हमले कर सकते हैं। मिंट के मुताबिक, चालक दल के सभी 20 सदस्य ईरानी हैं।
अभियान कैसे चला
- नौसेना ने इलाके में पहले से तैनात एक युद्धपोत को कार्रवाई के लिए भेजा, जिसके साथ एक समुद्री निगरानी विमान भी था।
- लगातार निगरानी के बाद जहाज़ का पता लगाया गया, उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी गई और उसे भागने से रोकने के लिए गैर-घातक उपाय अपनाए गए।
- इसके बाद वायु सेना के सी-17 विमान से सटीक एयरड्रॉप के ज़रिए मरीन कमांडो उतारे गए।
- नौसेना ने जहाज़ को अपने नियंत्रण में लिया, लुटेरों के खतरे को खत्म किया और चालक दल को सुरक्षित छुड़ाया।
मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि लुटेरों का क्या हुआ या अभियान में कौन सा युद्धपोत शामिल था।
ईरान ने जताया आभार
मिंट के अनुसार, नई दिल्ली में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह 20 ईरानी नाविकों को लुटेरों से बचाने के सफल अभियान के लिए भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना का हार्दिक आभार व्यक्त करता है। दूतावास ने इसे दोनों देशों की दोस्ती, एकजुटता और सहयोग का प्रमाण बताया।
क्यों अहम है
2026 में सोमाली समुद्री लूट फिर बढ़ी है। मिंट के मुताबिक, इस साल लुटेरे कम से कम आठ जहाज़ अगवा कर चुके हैं और करीब 15 हमले या कब्ज़े हुए हैं, जो 2013 के बाद सबसे ज़्यादा है। अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गश्त का ध्यान लाल सागर के खतरों की ओर जाना, ईरान से जुड़ा संघर्ष और सोमालिया की अस्थिरता इसकी वजह मानी जा रही है।
ऐसा पहला बचाव अभियान नहीं है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, जनवरी 2024 में आईएनएस सुमित्रा ने ईरानी झंडे वाले मछली पकड़ने के जहाज़ 'ईमान' और उसके 17 सदस्यीय चालक दल को सोमाली लुटेरों से छुड़ाया था। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह अभियान हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की 'प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता' और 'पसंदीदा सुरक्षा भागीदार' बने रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
