कोयला मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएलसी इंडिया लिमिटेड (एनएलसीआईएल) ने केंद्र सरकार के विशेष अभियान 6.0 के तहत 23 अक्टूबर तक 1,272 मीट्रिक टन कबाड़ का निपटान कर ₹3.12 करोड़ (₹3,11,89,078) की आमदनी की है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की 25 अक्टूबर की विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

विज्ञप्ति के अनुसार कंपनी ने 1,266.22 मीट्रिक टन कबाड़ के निपटान का लक्ष्य रखा था। यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के नेतृत्व में सभी केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों में चलाया जा रहा है।

लक्ष्य और अब तक की उपलब्धि

पीआईबी की विज्ञप्ति में 23 अक्टूबर तक के ये आंकड़े दिए गए हैं:

  • सफाई अभियान के स्थल: लक्ष्य 145, उपलब्धि 180
  • खाली कराई गई जगह: लक्ष्य 24,15,786 वर्ग फुट, उपलब्धि 24,96,193 वर्ग फुट
  • कबाड़ का निपटान: लक्ष्य 1,266.22 मीट्रिक टन, उपलब्धि 1,272 मीट्रिक टन
  • भौतिक फाइलों की समीक्षा: लक्ष्य 1,330, उपलब्धि 1,378; इनमें से 506 फाइलें छँटाई कर हटाई गईं
  • ई-फाइलों की समीक्षा: लक्ष्य 295, उपलब्धि 320; इनमें से 122 ई-फाइलें हटाई गईं
  • नई पहलें: लक्ष्य 50, अब तक 26

विज्ञप्ति का शीर्षक प्रमुख लक्ष्य पार करने की बात करता है, लेकिन उसी की तालिका के मुताबिक नई पहलों का आंकड़ा अभी लक्ष्य के लगभग आधे पर है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसके पास कोई जन शिकायत लंबित नहीं है और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए तीन नियमों या प्रक्रियाओं की पहचान की गई है।

इस बार ज़ोर ई-कचरे पर

इस वर्ष अभियान का विषय ई-कचरे का प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण है। विज्ञप्ति के अनुसार एनएलसीआईएल में 3 अक्टूबर को अलग से ई-कचरा अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 2,042 वस्तुओं का निस्तारण हुआ:

  • सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार उपकरणों की 1,491 वस्तुएँ
  • प्रयोगशाला उपकरणों की 351 इकाइयाँ
  • उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और फोटोवोल्टिक पैनलों की 200 वस्तुएँ

कंपनी के अनुसार यह निपटान ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 के अनुरूप किया गया।

देश भर में अभियान की तस्वीर

डीडी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 19 अक्टूबर को अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उस दिन तक पूरे देश में कबाड़ के निपटान से ₹491.28 करोड़ की आमदनी हो चुकी थी, जबकि पिछले वर्ष के विशेष अभियान 5.0 की इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹304.72 करोड़ था।

इसमें सबसे बड़ा हिस्सा रेल मंत्रालय का रहा, जिसने ₹425.06 करोड़ जुटाए। रिपोर्ट के मुताबिक अभियान के तहत 8,34,509 स्थलों पर सफाई हुई और लगभग 116 लाख वर्ग फुट जगह खाली कराई गई।

इस हिसाब से एनएलसी इंडिया के ₹3.12 करोड़ राष्ट्रीय आंकड़े का छोटा हिस्सा हैं। ध्यान रहे कि दोनों आंकड़े अलग-अलग तारीखों के हैं: राष्ट्रीय आंकड़ा 19 अक्टूबर तक का और कंपनी का 23 अक्टूबर तक का।

आगे क्या

अभियान का कार्यान्वयन चरण 31 अक्टूबर तक चलेगा, इसलिए कंपनी और सरकार दोनों के अंतिम आंकड़े इसके बाद आएँगे। डीडी न्यूज़ के अनुसार जितेंद्र सिंह ने मंत्रालयों से फील्ड कार्यालयों में भागीदारी बढ़ाने और अपनी सफल पहलें डीएआरपीजी के साथ साझा करने को कहा है।