मध्य प्रदेश के देवास ज़िले में अवैध शराब से भरे ट्रक को रोकने की कोशिश के दौरान खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने बताया। घटना रविवार देर रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर हुई।
पुलिस के मुताबिक़, अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिलने पर कई टीमें रवाना की गई थीं। इनमें से एक टीम का नेतृत्व दिलीप पुरी कर रहे थे।
पुलिस ने क्या बताया
देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बीबीसी को बताया कि पुलिस टीम को रविवार देर रात क़रीब डेढ़ बजे हाईवे पर संदिग्ध ट्रक मिला। पुलिस ने चालक को बाहर आने के लिए कहा, लेकिन उसने वाहन तेज़ गति से भगाने की कोशिश की।
एसपी के अनुसार, इसी दौरान ट्रक का पिछला पहिया दिलीप पुरी के ऊपर चढ़ गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां क़रीब दो घंटे तक इलाज और सीपीआर के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस ने ट्रक ज़ब्त कर लिया है और चालक की तलाश कर रही है। जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया गया है।
क्यों अहम है
यह घटना ऐसे समय हुई है जब देवास ज़िले में अवैध शराब का मुद्दा पहले से चर्चा में है। बीबीसी के अनुसार, ज़िले के चंदाना और बिंजाना गांवों में हाल ही में संदिग्ध ज़हरीली शराब पीने से 13 से अधिक लोगों की मौत का मामला सामने आया था।
ग्रामीणों ने दावा किया था कि क़रीब 20 दिनों में दोनों गांवों में इतनी मौतें हुईं और कई लोगों की आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई।
इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। रिपोर्ट में राज्य सरकार की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
