केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 27 अक्टूबर को नई दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में 'सीबीएसई अनुभव केंद्र' का उद्घाटन किया। शिक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार सीबीएसई मुख्यालय में बना यह केंद्र छात्रों को किताबों से आगे ले जाकर शिक्षा का इतिहास, नई तकनीक और भविष्य के करियर दिखाने के लिए बनाया गया है।

केंद्र में क्या है

  • आकार: 6,000 वर्ग फुट, 12 बड़े ज़ोन और 21 प्रदर्शनियां। आरएफआईडी वाले स्मार्ट कार्ड से आगंतुक प्रदर्शनियों से जुड़ सकते हैं और खेल-आधारित लीडरबोर्ड में हिस्सा ले सकते हैं।
  • 'शिक्षा की कहानी': सरस्वती नदी की आवाज़ में सुनाई गई फ़िल्म, जो गुरुकुल और नालंदा से लेकर आज के डिजिटल क्लासरूम तक भारत में शिक्षा का सफ़र दिखाती है।
  • सीबीएसई का इतिहास: पुरानी तस्वीरें और 1935 के रिकॉर्ड समेत अभिलेखीय सामग्री।
  • पृथ्वी का इतिहास: लाखों वर्षों की इंटरैक्टिव भूवैज्ञानिक समय-रेखा।
  • करियर: 'करियर एक्सप्लोरर', 'फ़्यूचर ऑफ़ प्रोफ़ेशन्स' और 'मैजिक मिरर: फ़्यूचर यू' जैसी प्रदर्शनियां, जो बताती हैं कि आने वाले वर्षों में काम का स्वरूप कैसे बदल सकता है।
  • होलोग्राम: डॉ. बी. आर. आंबेडकर और डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के होलोग्राम से बातचीत।
  • 'एग्ज़ाम वॉरियर्स' कियोस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की किताब पर आधारित, परीक्षा के तनाव से निपटने पर।
  • 'एडुवर्स': आख़िरी हिस्सा, जो जंगल, समुद्र और हिमालय से लेकर चांद और दूसरे ग्रहों तक की आभासी सैर कराता है।

मंत्री ने क्या कहा

जोशी ने कहा कि हमें रटने की आदत और परीक्षा के अंकों पर ज़रूरत से ज़्यादा ध्यान से आगे बढ़ना होगा और ऐसी शिक्षा व्यवस्था बनानी होगी जो छात्रों की रुचि और क्षमता को पहचाने। उन्होंने कहा कि छात्रों को विज्ञान की अवधारणाएं सिर्फ़ पढ़नी नहीं, ख़ुद करके देखनी और समझनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि देश में 10,000 अटल टिंकरिंग लैब पहले से काम कर रही हैं और सरकार ने 50,000 और लैब बनाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने हाल में शुरू हुए 'सेवा फ़र्स्ट इनोवेशन चैलेंज' का भी ज़िक्र किया।

यह क्यों अहम है

मंत्री के अनुसार यह केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस लक्ष्य से जुड़ा है, जो अनुभव से सीखने और समग्र शिक्षा पर ज़ोर देता है। विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि आम छात्र या स्कूल इस केंद्र को देखने कैसे जा सकते हैं।