केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनने पर राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। बीबीसी हिंदी के मुताबिक़, उन्होंने यह घोषणा शुक्रवार को लखनऊ में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए की।
शाह ने कहा कि कई राज्यों में यूसीसी लागू हो चुका है और उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार बनने पर इसे लागू किया जाएगा।
2027 की तैयारी
अमित शाह 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी संगठन की रणनीति पर चर्चा के लिए लखनऊ पहुंचे थे। वह बीजेपी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्य अतिथि थे।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।
पुराने चुनावों का ज़िक्र
अपने संबोधन में शाह ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी के पिछले प्रदर्शन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एक समय राज्य में पार्टी के केवल 44 विधायक थे, लेकिन संगठन मज़बूत होने के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 41 फ़ीसदी वोट के साथ 73 सीटें जीतीं। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में, नोटबंदी के बावजूद, पार्टी को क़रीब 40 फ़ीसदी वोट और 312 सीटें मिली थीं।
क्यों अहम है
समान नागरिक संहिता का मतलब है शादी, तलाक़, गोद लेने और विरासत जैसे मामलों में सभी धर्मों के लोगों के लिए एक जैसे क़ानून। उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज़्यादा आबादी वाला राज्य है, इसलिए वहां यूसीसी लागू करने का वादा 2027 के चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट में इस घोषणा पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं थी।
